छुई मुई (लाजवंती) के पौधे की पत्तियों के फायदे व नुकसान क्या है?

0
179
Chui Mui Plant

जैसा कि आप सभी जानते हैं कि दुनिया में ऐसे बहुत सारे पौधे हैं जिनका उपयोग बहुत सारी चीजों के लिए किया जाता है ज्यादातर उनके पत्तों से बीचों से उसे दवाई बनाई जाती है जोकि किसी न किसी रोग को ठीक करती है। और उसे पौधों में से एक पौधा है. छुईमुई जिसे हम लाजवंती Lajwanti के नाम से भी जानते हैं लाजवंती Lajwantiके क्या फायदे हैं इसका उपयोग करने से क्या लाभ होता है इसके बारे में आपको सभी जानकारी देंगे तो चलिए आप उसके बारे में बताते हैं.

लाजवन्ती Lajwanti क्या है?

आपको बता दें कि लाजवंती को छुईमुई का पौधा कहा जाता है जो कि आपके हाथ लगाते ही सिकुड़ जाता है और हाथ हटाने पर अपनी पुरानी अवस्था में आ जाता है इस जड़ी बूटी की खास बात है कि यह एक प्रजाति पौधे के रूप में जाना जाता है. इसकी फूल गुलाबी रंग के होते हैं और छोटे होते हैं. इसकी जड़ें स्वाद में कटोरा और थोड़ी खट्टी होती है इसकी तासीर ठंडी होती है और कड़वी होती है। आयुर्वेदिक मैं लाजवंती के कई फायदे बताए गए हैं जिनमें कफ पित्त को दूर करने खून बहना ,दस्त, जलन अल्सर आदि को ठीक करने के लिए प्रयोग में लाया जाता है लाजवंती के पत्ते गले की का दर्द छाती छोटे-मोटे कर बहुत ज्यादा सर करते हैं आपके बिल्डिंग को भी रोकता हैं इसका प्रयोग पेशाब की नली में पथरी सूजन गठिया दर्द होती लाभदायक होता है.

लाजवंती Lajwanti का क्या इतिहास है?

आपको बता दें कि लाजवंती को पहली बार 1753 में खोजा गया जो कि अमेरिका किस वैज्ञानिक ने खोजा इसके साथ इसकी उपज मैरीलैंड,टैक्सेस,नॉर्थ कैरोलिना क्यूबा और जमीन में पाई जाती है.

Read More: SEO Kya Hai? What is SEO?

लाजवंती Lajwanti के पौधे की विशेषताएं क्या है?

  • आपको बता दें कि वैज्ञानिकों का मानना है कि यह एक सिकुड़ने वाला गुण रखने वाला पौधा है जो कि अपने आप को रक्षा करने के लिए बनाया गया है अगर इनके पास से किसी व्यक्ति की तेजी से चलने की आवाज आए पशुओं की आवाज आए तो यह अपने आप से सिकुड़ जाते हैं ताकि उसे कोई पशु खाना सके.
  • आयुर्वेदिक के अनुसार इसका उपयोग गर्भाशय के ट्यूमर जैसी बीमारी के लिए उपयोग किए जाते हैं और वैदिक में इसके कई एंटीबायोटिक दवाई प्रयोग किया जाता है.
  • भारत में इसका उपयोग जन्म नियंत्रण रोकने के लिए किया जाता है.
  • बात की जाए इसकी पौधे की लंबाई की तो यह पौधा है लगभग 5 मीटर तक बड़ा हो सकता है यह पौधा बंजर भूमि में घास के रूप में आसानी से उगाया जाता है यह पतली शाखा वाला एक घनी कांटेदार वाला पौधा होता है.

लाजवंती के पौधे के प्रकार

आपको बता दें कि पूरी दुनिया में लाजवंती की 4000 प्रजातियां पाई जाती हैं सबसे पहले है ब्राजील में पाई जाती है लेकिन वहां पर जलवायु इतना कठोर है कि यह पौधा ज्यादा समय तक टिक नहीं पाता और जल्दी खत्म हो जाता है यह पौधा भारत में इंग्लैंड नागालैंड कोहिमा इत्यादि राज्यों में आसानी से पहाड़ों पर मिल जाता है.

लाजवंती Lajwanti के बीजों के क्या लाभ है

आपको बता दे हर एक पौधे में कुछ ना कुछ खूबियां होती हैं लाजवंती Lajwanti की बीजों की बात की जाए तो यह बहुत ही फायदेमंद होते हैं यह सर की कमजोरी को दूर करते हैं लाजवंती Lajwanti के बीज के पाउडर पर 2 ग्राम की मात्रा में एक गिलास गर्म दूध के साथ रात में सोने से पहले लेते हैं तो इससे शरीर की शारीरिक कमजोरी दूर होती है. इसके बीच का उपयोग औषधि के रूप में किया जाता है इसका इस्तेमाल दवाई बनाने के लिए किया जाता है इसका उपयोग अगर आप चीनी के साथ बराबर मात्रा में पीसकर रोजाना यूज करने से भी कोई रोग नहीं होता है इसका उपयोग करना बहुत ही सुरक्षित माना गया है.

Read More: SMPS ka Full Form Kya Hota Hai? What is Full Form of SMPS?

लाजवंती Lajwanti की पत्तियों के लाभ

आपको बता दें कि यदि आप इसके पत्ते को भी प्रयोग में लाते हैं तो आपको बहुत ही फायदा होगा इसके लिए आपको लाजवंती की थोड़ी लंबी और छोटी बच्चियों को दो भागों में लेना है जिनकी संख्या 10 से 12 हो इसके फूलों का रंग पीला गुलाबी अभागिनी हो सकता है एक फूल में 1 से 5 तक की संख्या में एक पौधा की सकता है लाजवंतीकी पत्तियों को रात भर पानी में भिगोकर रखने से सुबह उसका उपयोग करने से जहां पर खून भरा हुआ उपयोग करने से खून रुक जाएगा यदि आपको पाइल्स की समस्या है तो उसमें भी आपको ब्लीडिंग रुक जाएगी इसलिए इसका प्रयोग किया जाता है.

यदि आपका बच्चा अस्थमा से पीड़ित है तो बच्चे को 10 मिली रस का सेवन प्रतिदिन करने से राहत मिलेगी इसके लिए आप तो को तोड़ कर उसका दूर जूस निकालने रोजाना अपने बच्चों को 10 मिलीग्राम दे उससे उसका अस्थमा ठीक हो जाएगा जो लोग मधुमेह से पीड़ित हैं उसके लिए बहुत ही फायदेमंद है इसके लिए आपको 25 से 30 मिली रोज सुबह इसका जूस का सेवन करना होगा इसके पत्ती को सुखा कर पाउडर बनाकर भी उपयोग में ला सकते हैं यदि आपको जोड़ में दर्द है तो आप के पत्तों को उबालकर उस से सेकाई कर सकते हैं ऐसे आपका दर्द भी कम होगा.

लाजवंती Lajwanti के नुकसान

आपको बता दें यदि आप इसका उपयोग करें के रूप में कर रहे हैं तो यह आपके लिए फायदेमंद नहीं होगा बल्कि उल्टा आप को नुकसान पहुंचा सकता है इसका प्रभाव यह हो सकता है कि आपकी द्वारा ली गई दवाई ठीक से काम नहीं कर सकती है।

अगर आप किसी भी दिन सदन से बीमारी से पीड़ित हैं जैसे कैंसर की दवाई खा रहे हैं तो इसका उपयोग ना करें यह आपके लिए खतरनाक साबित हो सकता है इसकी लेने से पूर्व अपने डॉक्टर से एक बार जरूर सलाह ले उसके बाद ही लाजवंती का प्रयोग करें।

आप हमारे द्वारा दी गई जानकारी कैसी लगी हमें कमेंट करके बता सकते हैं यदि आपको यह पोस्ट अच्छी लगी हो तो आपसे शेयर कर सकते हैं .

Read More: Input Device ko Hindi me Kya Kehte Hai? What is Called Input Device in Hindi?

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here