हैप्पी न्यू ईयर (Happy New Year) क्यों मनाया जाता है , इसकी शुरुआत कब हुई जानिए ?

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परिचय

जैसा कि आप सभी जानते हैं कि नए साल की शुरुआत होने जा रही है. लोग नए साल में जाने के लिए सारी तैयारियां पूरी कर रहे हैं तथा नई नई जगहों पर जा रहे हैं नए साल का स्वागत करने के लिए लेकिन कुछ ही लोगों को पता है कि नए साल की शुरुआत कब हुई इसका क्या इतिहास था इसके बारे में हम आपको संपूर्ण जानकारी देंगे तो चलिए आपको उसके बारे में बताते हैं.

नए साल का क्या है इतिहास

आपको बता दें कि पहले नया साल 1 जनवरी को नहीं मनाया जाता था बल्कि 1 जनवरी को नए साल मनाने की शुरुआत लगभग 1582 में हुई थी जो कि 15 अक्टूबर को शुरू किया गया पहले नया साल 25 मार्च को मनाया जाता था तो कभी 25 दिसंबर को ही लोग बड़ा दिन बोलकर नया साल की शुरुआत कर देते थे। लेकिन रूम के राजा ने अपने रोमन कैलेंडर में बदलाव कर दिया जिसके बाद से जनवरी को पहला महीना माना गया जिसके बाद से नए साल की शुरुआत की गई आपको बता दें कि नए साल की शुरुआत होने के पीछे एक बहुत बड़ी कहानी है जिसके बारे में हम आपको विस्तारपूर्वक बताएंगे।

जानकारी के लिए आप को बताए थे कि सबसे पहले जब कैलेंडर बना था तो उस कैलेंडर में सिर्फ 10 ही महीने हुआ करते थे यानी कि साल में बस 310 ही दिन होते थे और 8 दिन का एक हफ्ता माना जाता था लेकिन रूम के राजा रोमन का जब शासनकाल शुरू हुआ तो उन्होंने अपने कैलेंडर में बदलाव किया उन्होंने 1 जनवरी को नए साल की शुरुआत की उसके बाद उन्होंने कैलेंडर में 12 महीने कर दिए जिसके बाद से दिन 365 दिन के हो गए जिसको देखते हुए एक नए कलेक्टर की शुरुआत की गई जिसके बाद से 1 जनवरी को लोग नए साल के रूप में मनाते हैं.

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पूरे भारतवर्ष में नए साल की शुरुआत कैसे की जाती है

आपको बता दें कि अपने भारत देश में हर एक जाति धर्म के लोग रहते हैं उसी को देखते हुए लोग अपने तरीके से इस नए साल का स्वागत करते हैं और अलग-अलग तिथियों के अनुसार इस त्योहार को मनाते हैं पंजाब में नए साल बैसाखी ग्रुप में शुरू होता है जो कि 13 अप्रैल को माना जाता है लेकिन सिख धर्म को मानने वाले इसे नानक कैलेंडर के अनुसार मार्च में होली के दूसरे दिन मनाते हैं जैन धर्म के अनुसार नए साल की शुरुआत दिवाली के अगले दिन ही मनाई मनाई जाती है.

यह भगवान महावीर स्वामी की मोक्ष प्राप्ति के लिए अगले दिन से नए साल की शुरुआत की जाती है हिंदू धर्म के अनुसार नए साल का आरंभ चैत मास की शुक्ल प्रतिपदा से मानी जाती है। हिंदू धर्म के अनुसार भगवान ब्रह्मा ने इस दिन पृथ्वी की रचना की थी इसलिए इस दिन को नए साल के रूप में मनाया जाता है इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार मोहर्रम महीने की 1 तारीख को मनाया जाता है वह लोग इसे नए साल के रूप में मनाते हैं दुनियाभर में नए साल का स्वागत अनोखे अनोखे ढंग से किया जाता है हर जाति धर्म के लोग अपने तरीके से इस नए साल का स्वागत करते हैं और जश्न मनाते हैं.

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विदेशों में कैसे मनाया जाता है नया साल

आपको बता दें कि नया साल हर एक देश में अलग-अलग समय के अनुसार मनाया जाता है बात की जाए दक्षिण अमेरिका की तो वहां नए साल के दिन की शुरुआत साबुत बीज और शलगम की पत्तियां खाने के साथ शुरू होती हैं शलगम की पत्तियां वहां रुपए का प्रतीक मानी जाती है और लोबिया की बीज वहां पैसे के प्रतीक माने जाते हैं इसलिए वहां के लोग इन दोनों चीजों को ज्यादा मानते हैं और इन दोनों की पूजा करते हैं इसलिए वह नए साल की शुरुआत इन दोनों चीजों को खाकर करते हैं.

बात की जाए स्पेन की तो वहां रात 12:00 बजे के बाद अंगूर खाने की परंपरा है वहां के लोग अंगूर इसलिए खाते हैं कि अंगूर बहुत ही पोषक तत्व उनके अनुसार माना गया है जिससे कि वह अंगूठा कर पूरा साल भर स्वस्थ रहेंगे इसलिए वह नए साल की शुरुआत रात 12:00 अंगूर खाकर करते हैं.

बात की जाए चीन की तो चीन में 1 महीने पहले ही नए साल की शुरुआत का जश्न मनाया जाता है वहां के लोग अपने घरों की साफ-सफाई करते हैं घरों में लिपाई पुताई करवाते हैं वहां के लोग लाल रंग को बहुत ही शुभ मानते हैं इसलिए वहां के लोग नए साल के दिन लाल रंग के कपड़े पहनकर नए साल का स्वागत करते हैं इसी तरह हर एक देश में अपने अपने रीति-रिवाजों से नए साल की शुरुआत की जाती है.

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आपको बता दें कि लोग 2022 में अपने सभी बुरी चीजें उन्होंने किसी को दुख दिया हो सभी को पीछे छोड़ कर वह साल 2023 में आना चाहते हैं और उसे हंसी खुशी से मनाना चाहते हैं इसलिए लोग अपने पीछे सभी की बुरी चीजों को छोड़कर एक नए जीवन के सफर का आनंद लेने के लिए नए साल का स्वागत कर रहे हैं.

आपको बता दें कि नए साल का स्वागत हर कोई अपने अपने तरीके से करना चाहता है कुछ लोग एक दूसरे को मिठाइयां खिलाकर उनका मुंह मीठा कर कर नए साल का स्वागत करना चाहते हैं तो कुछ जगहों पर लोग पटाखे फोड़ कर भी साल का स्वागत करना चाहते हैं।

इसके अलावा स्कूलों में निबंध लिख कर भी लोग अपनी खुशी जाहिर कर रहे हैं और नए साल का स्वागत कर रहे हैं जैसा कि आप सब लोग जानते हैं नए साल इस बार रविवार को हो रहा है जिस समय लोग अपने घर पर ही रहेंगे तो लोग घर पर ही कुछ मीठे पकवान बनाकर उस का आनंद लेना चाहते हैं ,और नए साल का स्वागत करना चाहते हैं कुछ लोग जो कि नव युवा हैं

वह बाहर घूमने की प्लानिंग कर रहे हैं ताकि वह नए साल का स्वागत किसी अच्छी और फ्रेश जगह पर कर सके मूवी देख सके और नए साल का स्वागत कर सके.

आपको हमारे द्वारा दी गई जानकारी कैसे लगी आप हमें कमेंट करके बता सकते हैं धन्यवाद.

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