प्राइवेट ब्राउजिंग (Private Browsing) क्या होती है ? जानिए

0
62
Private Browsing

जानिए इसके बारे में आपको बता दें कि आप सभी लोग नेट net का यूज करते हैं नेट को यूज करने के लिए आपके फोन में एक ऐप होती है जैसे कि कोई क्रोम में में गूगल ,ब्रावो ,ओपेरा ,इत्यादि में आप वेबसाइट सर्च करते हैं जो वेबसाइट आपके मन में चल रही हो जिसके लिए भी डाल चीजें डाल रहे डालकर सर्च करते हैं लेकिन जब भी आप गूगल पर सर्च करते हैं तो गूगल आपकी सारी डिटेल को सेव करता है

और आपकी एक हिस्ट्री बनाकर रखता है कुछ लोग इस हिस्ट्री से बचने के लिए प्राइवेट ब्राउजिंग private browsing का इस्तेमाल करते हैं जिससे कि उनकी हिस्ट्री नहीं बनेगी और वह आसानी से हर काम कर लेंगे आज हम उसी के बारे में बताने वाले हैं कि प्राइवेट ब्राउजिंग private browsing क्या होती है, प्राइवेट ब्राउजिंग private browsing के क्या फायदे हैं प्राइवेट ब्राउजिंग के क्या नुकसान है इसके बारे में हम आपको पूरी जानकारी देंगे तो चलिए आपको उसके बारे में बताते हैं.

प्राइवेट ब्राउजिंग private browsing क्या होती है?

आपको बता दे प्राइवेट ब्राउजिंग private browsing एक ऐसा फीचर होता है जिसके द्वारा आप वहां कुछ भी सर्च करेंगे आप की हिस्ट्री नहीं बनेगी इसे कि हम प्राइवेट ब्राउजर private browsing कहते हैं आपको बता दें कि यह फीचर सबसे पहले एप्पल के द्वारा बनाया गया था इसके बाद दूसरे अपने भी इसी में आपकी कॉपी की और प्राइवेट फीचर है एप का ऑप्शन में दे दिया जिससे कि लोग प्राइवेट चीजें कर सकते थे और उनकी हिस्ट्री भी नहीं बनती थी क्योंकि प्राइवेट ब्राउजिंग p rivate browsing का फीचर आपको विभिन्न प्रकार की वेबसाइट इस को सेव करने से रोकता जिससे कि लोग इन डिटेल जैसे कि लोग डिटेल विजिट विजिट साइट सर्च इंफॉर्मेशन आईडी पासवर्ड फल इत्यादि को सेव नहीं करता साथ साथ में है तुरंत डिलीट की जाती है ऐसे ही लोग प्राइवेट ब्राउजिंग private browsing कहते हैं.

Also Read: HR ka Full Form Kya Hota Hai? What is the Full Form of HR?

प्राइवेट ब्राउजिंग private browsing के क्या है फायदे 

प्राइवेट ब्राउजिंग private browsing के बहुत सारे फायदे हैं जो आपको हम इस प्रकार बताएंगे अपनी निजी जानकारी चोरी होने से बचाने के लिए जैसे क्या आप कोई वेबसाइट खोलते हैं वह वेबसाइट आपकी लोन डिटेल मांगती है, मांगने के बाद आप उसमें अपनी कोई पेमेंट करते हैं तो पेमेंट की ईमेल आईडी अकाउंट की जानकारी डेबिट क्रेडिट कार्ड की जानकारी आदि शामिल होती है जो कि कक्षा का भरनी पड़ती है जिससे हम बचना चाहते हैं इसके लिए हम प्राइवेट ब्राउज़िंग private browsing का उपयोग करते हैं जिससे कि उसका डाटा चोरी ना हो सके क्योंकि नॉर्मल मोड में यह फॉर्म सेव हो जाता है और हमारा पासवर्ड आईडी भी सेव हो जाता है इसे डाटा चोरी हो सकता है यदि आप पब्लिक प्लेस में है तो इसका खास ध्यान रखना चाहिए कि आपका कोई डेटा आपके फोन से चुरा ना ले उसे बचने के लिए लोग प्राइवेट ब्राउजिंग private browsingका उपयोग करते हैं.

वेबसाइट टेस्ट करने के लिए 

आपको बता दें कि दौलतपुर जब भी वेबसाइट बनाता है तो उसको सर्च करने के लिए जब भी हम नॉर्मल मोड में वेबसाइट को सर्च करते हैं तो वह उसी मोड में खुल जाता है लेकिन जब हम इसे प्राइवेट मोड में खोलते हैं तो वहां हमें स्क्रीन दिखाई देती जिसमें कि आपको छोटे-छोटे बदलाव भी दिखाई देंगे अब यह बदलाव F5 करके देख सकते हैं.

ट्रैक होने से बचने के लिए 

जैसे हम कोई वेबसाइट सर्च करते हैं सर्फिंग के दौरान हमें कुछ ऐसी साइट देखनी पड़ती है उससे बचने के लिए हम प्राइवेट ब्राउज़र private browser का इस्तेमाल करते हैं क्योंकि प्राइवेट ब्राउजिंग पर ट्रक होने से हम आसानी से बच सकते हैं क्योंकि उसमें हम मारी ना तो हिस्ट्री से होती है ना को किस की फाइलें से होती है यह समाचार से आसानी से ट्रक होने से बच सकते हैं.

Also Read: SDM ka Full Form Kya Hai? What is the Full Form of SDM?

क्या प्राइवेट ब्राउजिंग 100% सही है 

यह सवाल हर किसी के मन में आता होगा कि हम जब हम प्राइवेट ब्राउजिंग करते हैं यह क्या 100 परसेंट सही असुरक्षित होता है इसका जवाब है नहीं बिल्कुल नहीं यह जानकारी आपको बता दें प्राइवेट मोड में आपकी जानकारी ब्राउज़र द्वारा सुरक्षित नहीं की जाती लेकिन इंटरनेट सर्विस के मालिक की सुविधा देने करने वाले एक्टिविटीज को देख सकते हैं इसके साथ-साथ बता आपके द्वारा डाउनलोड किया गया डाटा और बुकमार्क को भी डिलीट नहीं किया जाता और इससे आप कभी भी एक्सेस कर सकते हैं इसलिए यह है 100% सुरक्षित नहीं है.

प्राइवेट ब्राउजिंग कैसे करें

प्राइवेट ब्राउजिंग यदि आप प्राइवेट ब्राउजिंग क्रोम ब्राउजर में कर रहे हैं तो सबसे पहले आपको प्राइवेट इनकॉग्निटो विंडो ऑन करनी होगी इसके बाद इन इनकॉग्निटो विंडो ऑन करना होगा उसके लिए आपको क्रोम ब्राउजर के प्राइवेट ब्राउज़र करने के लिए साइड में तीन बंदे को दिए होंगे उस पर क्लिक करना होगा उसके बाद आपको इन इनकॉग्निटो विंडो मोड दिखाई देगा उस पर आपको क्लिक करना है उसको क्लिक करते ही एक नई विंडो खुल जाएगी जिसे हम प्राइवेट ब्राउजिंग कहते हैं.

माइक्रोसॉफ्ट एज Microsoft Edge में प्राइवेट ब्राउजिंग कैसे करें 

ओपन यदि आप लैपटॉप में फोन में माइक्रोसॉफ्ट Microsoft Edge का उपयोग करते हैं तो उसमें प्राइवेट ब्राउजिंग ओपन करने के लिए आपको सबसे पहले प्राइवेट विंडो का प्रयोग करना होगा उसमें आपको दाएं तरफ में न्यू में ऑप्शन दिखाई देगा इस पर एक क्लिक करना होगा उसके बाद फिर न्यू इन प्राइवेट विंडो पर क्लिक कर दें इसके बाद सामने आपको एक नई विंडो खुल जाएगी आपको बता दें कि अपने आप कीबोर्ड के द्वारा भी खोल सकते हैं इन प्राइवेट मोड

आपको हमारे द्वारा दी गई जानकारी कैसी लगी आप हमें कमेंट करके बता सकते हैं यदि आपको यह फोटो अच्छी लगी हो तो आप इस पोस्ट को अपने दोस्तों के पास शेयर भी कर सकते हैं ताकि वह उनको भी है जानकारी आसानी से मिल सके

Also Read: USB ka Full Form Kya Hota Hai? What is the Full Form of USB?

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here