सोलर इन्वर्टर टेक्नोलॉजी (Solar Inverter Technology) क्या है इसके क्या फायदे हैं?

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Solar Inverter Technology

जैसा कि आप सभी जानते हैं कि आजकल बिजली के दाम इतने बढ़ गए हैं कि लोग बिजली सोच समझकर ही यूज़ करते हैं इसके लिए उन्हें बिजली यूज़ करने के बाद बहुत ज्यादा बिल देना पड़ता है तथा हर चीज को सोच समझकर ही चलाते हो चाहे पंखा हो फ्रिज एसी हो गर्मी में चलता ही है जिसे ज्यादा पिलाता है लोगों को बिल भरने में परेशानी होती है इसी के चलते सरकार ने सोलर इनवर्टर टेक्नोलॉजी को लॉन्च किया है जिसकी मदद से आप अपने पैसे बचा सकते हैं. सोलर इनवर्टर टेक्नोलॉजी क्या है इसके क्या फायदे हैं इसको आप कैसे ले सकते हैं इसके बारे में आपको विस्तार पूर्वक बताने वाली आपको उसके बारे में बताते हैं.

जैसा कि आप सभी जानते हैं कि इन्वर्टरआजकल की रोजमर्रा की जिंदगी बन गई है भारत में बिजली की कटौती बहोत होती है कि लोग गर्मी में इतने परेशान हो जाते हैं इसलिए अपने घर में इन्वर्टर यूज करते हैं ताकि बिजली कट होने पर भी उन्हें बिजली मिलती रहे लेकिन कुछ मिडिल क्लास लोग इन्वर्टर को सपोर्ट नहीं कर सकते उनको एक इन्वर्टर खरीदने से पहले सोचना पड़ता है इसलिए हम लाए हैं। 

सोलर इन्वर्टर क्या है 

आपको बता दें कि हम सारा काम बिजली के द्वारा ही करते हैं चाहे कूलर पंखा एसी फ्रिज क्यों ना हो बिजली के साथ ही चलती है ऐसे इन्वर्टर पावर भेजता जिसके बाद इन्वर्टर लगते हैंजो एक पावर का सपोर्ट सिस्टम है जो पावर हाउस का काम करता है बिजली न होने पर भी वह भी वह काम आता है लेकिन आपको बता दें कि इसकी एक लिमिट होती है जिसकी आप लगा सकते हैं क्या है। इनवर्टर आमतौर पर अलग-अलग होते हैं जो काम करते हैं लेकिन सोलर इन्वर्टर आपको थोड़ा महंगा पड़ेगा लेकिन आगे इसमें जो कोई खर्चा नहीं आएगा इसका मतलब एक बार में जो खर्च कर दिया उसके बाद आपको कोई इसमें खर्च लगाने की जरूरत नहीं है इसको आपको अपने छत के ऊपर लगाना है और जब सूर्य की किरणें पड़ती है तो सोलर चार्ज होता है चार्ज होने के बाद उसकी पावर इनवर्टर में जाती है और वस्तु होती है उसके बाद आप इसका उपयोग बिजली करूं मैं कर लेते हैं.

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सोलर इनवर्टर कैसे काम करता है 

जैसे कि आप सभी जानते हैं इनवर्टर को काम करने के लिए चार्ज की जरूरत होती है मतलब वह बिना बिजली के चार्ज के घर को लाइट नहीं दे सकता इसलिए उसे चार्ज करना बहुत जरूरी होता जिसके लिए बिजली खर्च होती है बिजली खर्च होने के बाद अगर चार्ज हो जाता है लेकिन सोलर इनवर्टर में बिजली की जरूरत नहीं होती है वह सूर्य की किरणों से चार्ज होता है जब सूर्य की किरणों से पढ़ती रहती है तो उसकी बैटरी चार्ज होती रहती है और उसमें मेन पावर की सप्लाई की जरूरत नहीं होती जब सूर्य किरण नहीं होती है तो मुख्य सप्लाई से अपने आप है जुड़ जाता है। 

आपको बता दें कि सोलर इनवर्टर में सोलर पैनल होते हैं जो चार्ज होते हैं जब मेल लाइन की सप्लाई बंद कर देते हैं तो चैनल सोलर पैनल की सप्लाई कम हो जाती है आपको बता दें कि बारिश और सर्दियों में सूर्य की किरणें इसके सोलर सोलर पैनल पर नहीं पड़ती है तब यह इनवर्टर मेन पावर सप्लाई लेता है और आपको बिजली सप्लाई करता है। 

इनवर्टर कितने प्रकार के होते हैं आपको बता दें कि हम के प्रकार इनवर्टर के बारे में बताएंगे जो कि वह कैसे काम करते हैं उससे लगाने से क्या लाभ होता है इसके बारे में भी बताने वाले हैं.

बात की जाए साइन वेव इनवर्टर की बुनियादी खराब गुणवत्ता वाला इनवर्टर है इनवर्टर सूर्य में तब बनाया जाता है जभी से पहली बार लाया गया तो इसमें बहुत ही कमी थी इसकी क्षमता बहुत ही कम थी यह जल्दी खराब हो जाता था इसे चार्ज करने बहुत अधिक बिजली खर्च होती थी। 

शुद्ध साइन वेव इन्वर्टर यह बहुत ही अच्छी गुणवत्ता वाला इनवर्टर है जो थोड़े महंगे होने के बाद अच्छी तरह से काम करते हैं और कम ऊर्जा को प्रयोग में लाते हैं और तेजी से चार्ज होते हैं आइटम को संचालित करते हैं और आसान तरीके से बिजली सप्लाई करते हैं। 

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इनवर्टर लगाने से क्या फायदे हैं

आपको बता दें कि यदि आपके बिजली कटौती है तो यह ऑटोमेटिक स्टार्ट हो जाता है इसमें कोई ऑन करने की जरूरत नहीं पड़ती है और आपके सभी जिले के उपकरण इनवर्टर के द्वारा चलाए जा सकते हैं। आपको बता दें कि इसमें कोई इंधन की जरूरत नहीं पड़ती है इसमें पेट्रोल-डीजल जाने की जरूरत नहीं पड़ती सिर्फ बिजली से चार्ज होता है यदि आपके पास सोलर इन्वर्टर है तो आप इसे सूर्य की किरणों के द्वारा चार्ज करके इसका उपयोग कर सकते हैं. यह आप घर में कहीं भी लगा सकते हैं कि एक छोटी सी जगह पर भी फिट हो सकता है.

दिन के समय सोलर इनवर्टर कैसे काम करता है 

आपको बता दें कि दिन के समय सौर सोलर पैनल से आने वाली डीसी करंट में बदलता है जिससे हमारे घर में बिजली के सभी उपकरण काम करते हैं ;दूसरी सूर्य की ऊर्जा से भी बैटरी को भी चार्ज कर देता है मतलब दिन के समय अधिक लोड सूरज की उर्जा पर ही चलता जिससे बिजली की खपत ना के बराबर होती है

रात के समय सोलर इनवर्टर कैसे काम करता है आपके बता दे कि रात के समय सूर्य की रोशनी नहीं होती है तो इसमें सोलर पैनल से कोई भी ऊर्जा इनवर्टर को प्राप्त नहीं होती है इस अवस्था में सोलर इनवर्टर दो तरीके से काम करता है पहले तो दिन में जो इनवर्टर के द्वारा दिन में बैटरी चार्ज हुई है। उसे घर में भेजता है दूसरा अगर बैटरी चार्ज नहीं होती है फिर बैटरी चार्ज खत्म हो जाती है तब सोलर इनवर्टर बिजली घर के सारे लोड को चलाता है.

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