Thursday, August 11, 2022
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एटीएम का फुल फॉर्म क्या है?

हम सभी जानते हैं कि आजकल एटीएम का ज्यादा उपयोग हो रहा है लोग एटीएम का उपयोग करके पैसा निकालना आसान समझते हैं बजाए बैंक में जाकर पैसे निकालना.

लेकिन लोगों को यह नहीं पता कि एटीएम(ATM) का फुल फॉर्म होता क्या है कुछ लोग तो पता नहीं क्या-क्या इस मशीन का नाम रख देते हैं, जैसे कि एनी टाइम मशीन इत्यादि आज हम आपको एटीएम की फुल फॉर्म के बारे में बताएंगे. जिससे आपको जानना बहुत ही जरूरी है यह आपकी जनरल नॉलेज के लिए और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए विद्यार्थियों के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है.

जैसे ही कुछ लोग सुनते होंगे कि एटीएम का फुल नाम उनके दिमाग में तुरंत आता होगा एनी टाइम मशीन लेकिन एटीएम का फुल नाम एनी टाइम मशीन नहीं एटीएम का फुल फॉर्म ऑटोमेटेड टेलर मशीन Automated Teller Machine होता है.

हम आशा करते हैं कि अब आपको एटीएम का फुल फॉर्म पता चल गया होगा आगे से यदि आप से कोई पूछे कि एटीएम का फुल फॉर्म क्या है तो उसे एटीएम का फुल फॉर्म जरूर बताएं, क्योंकि स्कूल या कॉलेज में एटीएम का फुल फॉर्म full form of ATM नहीं सिखाया जाता है इसलिए किसी को इसके बारे में पता नहीं होता है आज हमने आपको इसके बारे में बता दिया है कि इस का फुल फॉर्म होता क्या है आगे हम जानेंगे इसके अनेक कामों के बारे में जो इस प्रकार होंगे।

A – Automated

T – Teller

M – Machine

ऊपर आपने जो इंग्लिश में देखा वह था एटीएम का फुल फॉर्म इंग्लिश में आगे हम आपको इसको हिंदी में बताएंगे इसे हिंदी में क्या कहते हैं.

हिंदी में एटीएम को स्वचालित टेलर मशीन बोला जाता है.

A – स्वचालित

T – टेलर

M – मशीन

आपको बता दें कि एटीएम ATM एक ऐसी मशीन है जो कि 24 घंटे काम करती है जिसके द्वारा आप किसी भी समय पैसे निकाल सकते हैं और जमा कर सकते हैं एटीएम का यह सवाल एग्जाम में बहुत ज्यादा पूछा जाता है कि एटीएम का फुल फॉर्म क्या है यह कैसे काम करता है, भारत में सभी व्यापारिक बैंक जैसे स्टेट बैंक इलाहाबाद बैंक विजया बैंक बड़ौदा बैंक इत्यादि वह सारे बैंक है जिसके द्वारा यह सुविधा आपको प्रदान की जाती है एटीएम में एक गुप्त पिन होता है जिसकी मदद से आप एटीएम में पैसे डाल सकते हैं या निकाल सकते हैं.

 आपको तो पता ही होगा कि एटीएम का इस्तेमाल करने के लिए एटीएम कार्ड होना बहुत ही जरूरी होता है इसलिए आप पैसे निकाल सकते हैं गांव में एटीएम कार्ड को डेबिट कार्ड या क्रेडिट बोला जाता है अगर आपको डेबिट कार्ड का इस्तेमाल करना है तो आपको बैंक में अकाउंट बनाना अनिवार्य होता है उसके बिना आपको एटीएम कार्ड या डेबिट कार्ड नहीं मिलता।

ATM Card

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि एटीएम कार्ड ATM Card एक ऐसा कार्ड होता है जिसकी मदद से हम एटीएम मशीन से पैसे निकाल सकते हैं इस एटीएम कार्ड में किसी प्रकार की कोई कैटेगरी नहीं होती है जैसे कि हम बाकी कार में देख सकते हैं Rupay, Visa और MasterCard इत्यादि लिखा होता है इस Card की मदद से आप सिर्फ एटीएम मशीन से पैसे निकाल सकते हैं किसी भी किसी को भी भेज  भेज नहीं सकते हैं साथ ही साथ आप ही से ऑनलाइन पेमेंट भी नहीं कर सकते हैं.इस कार्ड का उपयोग सिर्फ आप केवल पैसे ही निकालने के लिए उपयोग कर सकते हैं

Debit Card

बात की जाए डेबिट कार्ड की तो डेबिट कार्ड बिल्कुल सेम एटीएम कार्ड की तरह दिखता है लेकिन फर्क इतना होता है कि डेबिट कार्ड पर रुपए वीजा और मास्टर कार्ड लिखा होता है इस कार्ड की मदद से आप एटीएम मशीन से पैसे निकाल सकते हैं. और ऑनलाइन किसी को भी पैसे भेज सकते हैं. आप इसका इस्तेमाल स्वाइप कार्ड मशीन में भी कर सकते हैं यह सबसे बड़ा फर्क होता है एटीएम और डेबिट कार्ड में.डेबिट कार्ड के जरिए आप ऑनलाइन शॉपिंग कर सकते हैं .किसी भी वेबसाइट पर जाकर और अपनी मनपसंद की चीजें आसानी से खरीद सकते हैं यह होता है डेबिट कार्ड के फायदे।

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Credit Card

आपको पता ही होगा कि क्रेडिट कार्ड credit card सिर्फ कुछ ही लोगों के पास होता है क्योंकि जिस के अकाउंट में ज्यादा पैसे होंगे उसी को क्रेडिट कार्ड दिया जाता है क्रेडिट कार्ड credit card के द्वारा आप कंपनियों से पैसे भी उधार ले सकते हैं जब भी आपका बैंक अकाउंट में पैसे आ जाएंगे तो आपके अकाउंट के उधार लिए हुए पैसे कट जाएंगे साथ ही साथ कुछ चार्ज भी लिया जाता है. लेकिन यह भी डेबिट कार्ड की तरह काम करता है इसके द्वारा अभी आप पैसे की लेनदेन कर सकते हैं ऑनलाइन शॉपिंग कर सकते हैं बहुत सारे काम कर सकते हैं इसके द्वारा भी.

एटीएम का आविष्कार कब हुआ जानिए

एटीएम का आविष्कार कब हुआ जानिए आपको बता दें कि एटीएम का आविष्कार जाँन शेफर्ड बैरन ने 27 जून 1967 में किया था, आपको बता दें कि जाँन शेफर्ड बैरन का जन्म 23 जून 1925 को भारत में मेघालय के एक छोटे से गांव में हुआ था इन्होंने स्कॉटलैंड से इंजीनियरिंग की थी एक बार वह बैंक पहुंचे तो बैंक बंद था, तो उन्होंने सोचा कि यदि चॉकलेट निकालने वाली वेल्डिंग मशीन की तरह पैसे निकालने वाली वेंडिंग मशीन भी हो जिससे कि हम 24 घंटे में पैसे निकाल सके तो कितना आसान हो सकता है बस फिर क्या था इन्होंने अपनी कड़ी मेहनत करके एक एटीएम मशीन का आविष्कार कर दिया इस खोज ने इंसानी और पैसों की खेल  बदल दिया 27 जून 1963 में दुनिया का सबसे पहला एटीएम मशीन लगाया गया.

एटीएम कितने प्रकार के होते हैं जाने इन के प्रकार

Pink label ATMs – इस एटीएम का उपयोग सिर्फ महिलाएं ही कर सकती हैं यह एटीएम सिर्फ महिलाओं के लिए ही बनाया गया है इसलिए इसका नाम पिंक लेबल एटीएम रखा गया है.

Yellow label ATMs – इस एटीएम का उपयोग सिर्फ ई-कॉमर्स के लोग ही कर सकते हैं जैसे कि फ्लिपकार्ट और ऐमेज़ॉन

Orange label ATMs – इस एटीएम का उपयोग सिर्फ शेयर बाजार में लगे लोग ही उपयोग कर सकते हैं यह सिर्फ उनके लिए ही अवेलेबल होता है.

Green label ATMs – इस एटीएम का उपयोग सिर्फ किसान लोग ही कर सकते हैं जिनके पास ग्रीन कार्ड होता है.

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