Thursday, August 11, 2022
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SDM का फुल फॉर्म क्या है?

जैसा कि आप सभी जानते हैं कि आज के समय में सभी जिलों में एक उप प्रभागीय न्यायधीश sub divisional judge की आवश्यकता होती है. जिसके लिए प्रत्येक जिले में SDM एसडीएम को तैनात किया जाता है, क्योंकि एसडीएम मुख्य रूप से अपने जिले में सभी जमीन और व्यवसाय की देखरेख करते हैं। और इसके बाद अपने मन मुताबिक कुछ फैसले भी ले लेता है. इसके अलावा एसडीएम ही होता है जिले जो कि जिले की सभी भूमि का लेखा-जोखा रख करने का काम करता है. यह एक सम्मानजनक respectable पद है जिसमें व्यक्ति को सम्मान के साथ अच्छा वेतन भी दिया जाता है।

SDM पद का एक सरकारी अधिकारी होता है जिसके द्वारा बहुत सारे कार्य किए जाते हैं। एसडीएम SDM की सैलरी भी अच्छी होती है बहुत से नौजवान एसडीएम SDM बनने की चाहत रखते हैं और वह SDM बनने की तैयारी भी कर रहे होते हैं लेकिन कम जानकारी की वजह से वह अपने लक्ष्य को प्राप्त नहीं कर पाते हैं अगर आप भी SDM बनना चाहते हैं तो यह पोस्ट आपके लिए ही बहुत जरूरी है.आज हम आपको एसडीएम SDM के फुल फॉर्म के बारे में बताएंगे ,एसडीएम SDM कैसे काम करता है, इसके बारे में बताएंगे तो चलिए आपको बताते हैं.

एसडीएम (SDM) का फुल फॉर्म

आपको बता दें कि एसडीएम SDM का फुल फॉर्म होता है Sub Divisional Magistrate. हिंदी में इसे“उप प्रभागीय न्यायाधीश” कहा जाता है एसडीएम SDM का पद एक बड़ा पद होता है। इसलिए इसे कई विशेष अधिकार प्राप्त होते हैं.

SDM का क्या मतलब होता है

SDM का अधिकार बहुत बड़ा अधिकार होता है जो मुख्य रूप से आने वाली जिले के प्रशासनिक विकास कार्य न्याय और व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिम्मेदारी बखूबी निभाता है. इसके साथ ही एसडीएम SDM कानून और व्यवस्था का रखरखाव कर्फ्यू लगाने और भी कानूनी कार्यों की अनुमति देता है. वह एसडीएम विवाह पत्र जारी करने, एसडीएम विवाह पत्र प्रमाण पत्र बनाने का कार्य भी करता है।

एसडीएम (SDM) बनने हेतु शैक्षणिक योग्यता

उम्मीदवार को एसडीएम SDM का डिग्री प्राप्त करना अनिवार्य है, किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक graduation में सफलता होना अनिवार्य है।

एसडीएम (SDM) बनने के लिए आयु सीमा

इस पद पर आवेदन करने वाले सामान्य वर्ग के विद्यार्थी को न्यूनतम आयु 21 वर्ष का अधिकतम आयु 40 वर्ष होनी चाहिए। वहीं अन्य पिछड़े वर्ग के विद्यार्थी की न्यूनतम आयु 21 वर्ष अधिकतम आयु 45 वर्ष होनी आवश्यक है। इसके अलावा अनुसूचित जाति और जनजाति के विद्यार्थियों की न्यूनतम आयु 21 वर्ष में अधिकतम आयु 45 वर्ष होनी चाहिए। वही दिव्यांग भर्ती की न्यूनतम आयु 30 वर्ष या अधिकतम आयु 45 वर्ष होनी अनिवार्य है.

एसडीएम बनने हेतु चयन प्रक्रिया

Preliminary exam

Main exam

Interview

PRELIMINARY EXAM PATTERN

प्रश्न पत्र                 अंक

सामान्य ज्ञान-1  200

सामान्य ज्ञान- 2          200

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MAIN EXAM PATTERN

Question paper marks

Hindi                     150 marks

Essay                    150 Marks

General Studies 1 200 Marks

General Studies 2 200 Marks

General Studies 3 200 Marks

General Studies 4 200 Marks

Optional Subject Paper 1 200 Marks

Optional Subject Paper 2 200 Marks

INTERVIEW

इन दोनों परीक्षा में सफलता प्राप्त करने के बाद विद्यार्थी को इंटरव्यू interview के लिए बुलाया जाता है। जिसमें विद्यार्थी की योग्यता का पता लगाया जाता है इसके बाद इंटरव्यू interview में सफलता प्राप्त करने वाले भारतीय का चयन एसडीएम के पद के लिए कर दिया जाता है.

SDM का अधिकार क्या है

एक एसडीएम SDM को कई अधिकार दिए जाते हैं, क्योंकि एसडीएम SDMको अपने राज्य के लोकसभा और विधानसभा के सदस्यों को चुनाव करवाने का अधिकार प्राप्त है। एसडीएम SDM को अलग-अलग प्रकार के पंजीकरण कराने का अधिकार दिया गया है. जिनमें जाति प्रमाण पत्र आदि शामिल होते हैं. इसके साथ ही एसडीएम SDM को लाइसेंस जारी करवाने और उसका नवीकरण की देखरेख करवाने का अधिकार दिया जाता है. यदि शादी के बाद किसी भी महिला की मौत शादी के 7 साल के अंदर हो जाती है, तो एसडीएम SDM को निजी तौर पर इसकी जांच पाने का अधिकार प्राप्त होता है.

एसडीएम का वेतन (SALARY)

एसडीएम के ग्रेड पे के अनुसार न्यूनतम वेतन 53,000 रुपये और अधिकतम वेतन 1 लाख रुपये से अधिक है।

SDM बनने के बाद उन्हें बहुत सारी सुविधाएं मिलती हैं जैसे कि उन्हें बिना किसी कीमत में सरकार की तरह से रहने का घर तहत उन्हें रहने के लिए घर मिलता है. साथ में उन्हें सुरक्षा गार्ड और घर के कागज कामकाज के लिए नौकर भी मिलते हैं. राज्य में सरकारी काम के लिए यात्रा के दौरान ठहरने के लिए आवास की व्यवस्था होती है. सब डिविजनल मजिस्ट्रेट को अधिकारी के बहन के साथ ड्राइवर मिलता है। एसडीएम SDM के जीवन साथी को पेंशन मिलती है मोबाइल कनेक्शन इस काबिल भी सरकार द्वारा ही भरा जाता है इत्यादि एसडीएम SDM को दिए जाते हैं.

 एसडीएम SDM बनने के लिए दूसरा तरीका ?

आप UPSC, CSE परीक्षा के अंतर्गत भी SDM एसडीएम बन सकते हैं. इसके लिए विद्यार्थियों किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से किसी भी सब्जेक्ट में ग्रेजुएट पास होना अनिवार्य है. उसके बाद आप UPSC परीक्षा के लिए आवेदन कर सकते हैं. यूपीएससी परीक्षा पास करने के बाद शुरू में आईएएस अधिकारियों को एसडीएम का पद मिलता है। कुछ साल बाद वह डीएम बन सकते हैं।

UPSC CSE: सिविल सेवा परीक्षा, जिसे हिंदी में सिविल सेवा परीक्षा के रूप में भी जाना जाता है, इस परीक्षा को भी 3 भागों में बांटा गया है।

Preliminary examination

Main examination

Interview

आज हमने आपको SDM की फुल फॉर्म के बारे में बताया, इसके बारे में जानकारी उपलब्ध करवाई, यदि इस जानकारी से संबंधित आपके मन में किसी प्रकार का कोई परेशानी या विचार है,तो आप हमें कमेंट करके या हमें मेल करके बता सकते हैं। यदि आपको हमारे द्वारा बताई गई है पोस्ट अच्छी लगी हो तो आप इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर कर सकते हैं और उन्हें भी इसके बारे में बता सकते हैं. धन्यवाद

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